

रांची: झारखंड के कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता लाने और मनमानी पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है। उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक्ट की मंजूरी के बाद कोचिंग सेंटरों के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की पूरी गाइडलाइन तैयार कर ली है। अब बिना पंजीकरण कराए कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं हो सकेगा। इसके लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया गया है, जो अक्टूबर 2026 से काम करना शुरू कर देगा। पोर्टल के शुरू होने के बाद सभी कोचिंग संस्थानों को आवश्यक कागजात और शुल्क के साथ छह महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिसकी वैधता पांच वर्षों तक रहेगी।





नई नियमावली के तहत 16 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों या जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, उनका कोचिंग में नामांकन नहीं होगा। साथ ही, कोचिंग संस्थानों में स्थान के हिसाब से ही विद्यार्थियों का दाखिला लिया जाएगा और मनमाने ढंग से सीटें नहीं बढ़ाई जा सकेंगी। रजिस्ट्रेशन के बाद ही कोचिंग सेंटर अपने नाम के साथ ‘पंजीकृत कोचिंग सेंटर’ शब्द का उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा, ‘शत-प्रतिशत चयन’ या ‘अनुमोदित’ जैसे भ्रामक और झूठे दावों वाले विज्ञापनों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। यदि कोई संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता है या समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराता, तो इसे एक्ट का उल्लंघन माना जाएगा और प्रत्येक शाखा के लिए अलग से शुल्क देकर अलग पंजीकरण कराना होगा।
