अस्पताल की जगह बदलने पर भड़के जामडीह के ग्रामीण: रैली-धरने से गरमाया माहौल, सड़क, राशन, बिजली-पानी और शिक्षा पर भी उठी आवाज

जामडीह में स्वीकृत अस्पताल का स्थान बदलने के विरोध में ग्रामीणों ने धरना और रैली निकाली, साथ ही सड़क, राशन, मतदान केंद्र, बिजली, पानी और शिक्षा की मांग उठाई।

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लातेहार (महुआडांड़) : पंचायत ओरसा के जामडीह में बुनियादी समस्याओं का मुद्दा अब आंदोलन का रूप ले चुका है। ग्रामीणों ने गुरुवार को एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन के साथ जोरदार रैली निकालकर प्रशासन और जिला अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाई। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही समस्याओं के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा विवाद जामडीह में स्वीकृत अस्पताल के निर्माण स्थल को दूसरे स्थान पर ले जाने को लेकर है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब अस्पताल जामडीह के लिए स्वीकृत है, तो उसका निर्माण भी जामडीह में ही होना चाहिए।

ग्रामीणों का आरोप है कि स्थान बदलने से जिन लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत है, वही इससे वंचित हो जाएंगे।इसी के साथ ग्रामीणों ने सरनाडीह से जामडीह होते हुए ढोढ़ी पत्थल तक सड़क निर्माण, छत्तीसगढ़ सीमा से भुगुलडीह तक सड़क निर्माण, जामडीह के ग्रामीणों का राशन जामडीह में ही वितरण सुनिश्चित करने, जामडीह में ही मतदान केंद्र बनाए जाने, पंचायत ओरसा में बिजली-पानी की व्यवस्था सुधारने तथा शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई।मांगों को लेकर निकली रैली कार्मेल हॉस्पिटल से शुरू होकर शास्त्री चौक और बिरसा चौक होते हुए महुआडांड़ अनुमंडल मैदान पहुंची, जहां रैली सभा में बदल गई। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि जामडीह की समस्याएं अब विकराल रूप ले चुकी हैं। खास बात यह है कि इन समस्याओं को केवल ग्रामीण ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन, पत्रकार और स्थानीय ब्लॉगर भी गंभीर मान चुके हैं। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि जब समस्या सबके सामने है, तो उसके समाधान के लिए ठोस कार्रवाई कब होगीग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए, अस्पताल निर्माण स्थल को लेकर ग्रामीणों की मांग पर पुनर्विचार किया जाए और सड़क, राशन, मतदान केंद्र, बिजली, पानी एवं शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराया जाए।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।