जयगीर और कुजरूम के पुनर्वासित परिवारों को मिलेगी रैयती भूमि

पलामू टाइगर रिजर्व से पुनर्वासित जयगीर और कुजरूम के परिवारों को अब रैयती जमीन मिलेगी। कैबिनेट की मंजूरी से ग्रामीणों को खेती और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद जगी।

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गारू : पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के कोर क्षेत्र से पुनर्वासित जयगीर और कुजरूम गांव के परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में पोलपोल में बसाए गए पुनर्वासित परिवारों को रैयती भूमि प्रदान करने की स्वीकृति दे दी गई है। वर्ष 2024 में जयगीर और कुजरूम के ग्रामीणों को पोलपोल में पुनर्वासित किया गया था। यहां पक्के मकान, बिजली, पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीण अब नए स्थान पर खेती-बाड़ी भी कर रहे हैं। डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने बताया कि पुराने गांवों में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। जयगीर के लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए घंटों पैदल पहाड़ चढ़ना पड़ता था, जबकि कुजरूम के ग्रामीणों को घने जंगलों के बीच लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। ग्राम प्रधान लल्लु उरांव ने कहा कि भूमिहीन परिवारों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण है। वहीं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं पीटीआर प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा। पुनर्वास स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे स्टेशन के समीप होने के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।