

रांची: बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब और गहरा हो गया है। इसके साथ ही झारखंड में मानसून भी सक्रिय हो गया है। इसका असर राज्य के कई हिस्सों में दिखने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 1 सितंबर तक अलग-अलग जिलों में वज्रपात के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 29 अगस्त को गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा, दुमका, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला में वज्रपात के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं रांची समेत राज्य के अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और कुछ समय के लिए हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।





30 अगस्त को रांची के अलावा खूंटी, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में वज्रपात के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। 31 अगस्त को रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी हिस्सों में बादल छाए रहने का अनुमान है। इन इलाकों में एक या दो बार हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। वहीं 1 सितंबर को रांची समेत खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, पलामू और चतरा में वज्रपात के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इस बीच शुक्रवार को बारिश के दौरान हुए वज्रपात ने लातेहार जिले में दो लोगों की जान ले ली। लटमटिया में बिजली गिरने से दिनेश भुईंया और मुकेश भुईयां की मौत हो गई।
रांची में 9 और हजारीबाग में 14 मिमी बारिश
शुक्रवार को रांची में 9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि हजारीबाग में 14 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा खूंटी में 8 मिमी और सिमडेगा में 4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
झारखंड में अब भी बारिश सामान्य से 10 प्रतिशत कम है। हालांकि, रांची में स्थिति इसके उलट है। यहां अब तक सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है।
