झारखंड परीक्षा विवाद: भाजपा ने हेमंत सोरेन, राहुल गांधी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

भाजपा ने झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की निविदा प्रक्रिया को लेकर हेमंत सोरेन और राहुल गांधी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस और सरकार की प्रतिक्रिया नहीं आई।

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राज्य में सरकारी परीक्षाओं के आयोजन की निविदा देने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कांग्रेस या झारखंड सरकार की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। झारखंड सरकार ने 18 अगस्त को 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया था और 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए। यह फैसला कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच लिया गया था।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी एक ‘ब्लैकलिस्टेड’ कंपनी टीडीपीएल को दी थी। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद कंपनी ने बिना किसी औपचारिक निविदा प्रक्रिया के यह काम पिकर टेक्नोलॉजी को सौंप दिया। भंडारी ने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि झारखंड में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था और पूरा देश उन छात्रों के साथ खड़ा था। लेकिन दुखद बात यह है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, यह सामने आ रहा है कि एक काली सूची में डाली गई कंपनी टीडीपीएल को झारखंड सरकार ने परीक्षा आयोजित कराने की पूरी जिम्मेदारी दे दी थी।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि टीडीपीएल ने कोई निविदा तक जारी नहीं की और बिना किसी औपचारिक समझौते के परीक्षा से जुड़े काम को एक ‘‘छद्म कंपनी’’ पिकर टेक्नोलॉजी को सौंप दिया। उन्होंने कहा, ‘‘कोई निविदा जारी नहीं की गई, परीक्षा आयोजित कराने के लिए किसी बोलीदाता को नहीं बुलाया गया और जिस एजेंसी को यह काम सौंपा गया, जिसके बारे में हम सभी जानते हैं कि वह ब्लैकलिस्टेड थी, उसने इसे पिकर टेक्नोलॉजी नाम की तीसरी एजेंसी को दे दिया। इस मामले में सभी लेन-देन का औपचारिक बैंकिंग प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं था। सब कुछ नकद में किया गया।’’

भंडारी ने दावा किया कि यह पूरा मामला प्रथम दृष्टया ‘‘लेन-देन के बदले लाभ’’ का मामला है। उन्होंने परीक्षाओं के आयोजन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी और हेमंत सोरेन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रथम दृष्टया लेन-देन के बदले लाभ का मामला है। इसकी पूरी ज़िम्मेदारी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की है।’’ भंडारी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आज आपका नैतिक आधार कहां है?’’ उन्होंने कहा कि ये खुलासे गंभीर सवाल खड़े करते हैं कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन छात्रों को ‘‘न्याय कैसे दिला रहे हैं।’’ उन्होंने कथित रूप से मंत्रियों और अधिकारियों की संलिप्तता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर नकद लेन-देन हुआ है तो ‘‘पैसा कहीं न कहीं गया जरूर होगा।’’

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।