केरलम में प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे सरकारी डॉक्टर

केरल सरकार ने सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस की अनुमति देने से इनकार किया है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा, यह सरकार की नीति नहीं है और मंजूरी नहीं दी जाएगी।

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तिरुवनंतपुरम: केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस करने की इजाजत नहीं देगी। चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस के बारे में चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) द्वारा बुलाई गई बैठक से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए मुरलीधरन ने कहा कि सरकार की तरफ से ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘निजी प्रैक्टिस की इजाजत देना सरकार की नीति नहीं है। हमें ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और न ही हमने इस विषय पर कोई चर्चा की है।’’ मुरलीधरन के मुताबिक डीएमई ने इस साल फरवरी में पिछली सरकार के जारी किए गए एक परिपत्र के आधार पर बैठक आयोजित करने की बात कही थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा कि अधिकारियों को मौजूदा सरकार के सत्ता में आने के बाद से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। फरवरी में जारी परिपत्र की सितंबर में कोई अहमियत नहीं है।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए हम निजी प्रैक्टिस को कभी मंजूरी नहीं देंगे। हमें इसके लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है और न ही केरलम में ऐसी कोई परिस्थिति है जिसके लिए निजी प्रैक्टिस की जरूरत हो।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या विभाग के अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे हैं तो मुरलीधरन ने कहा, ‘‘यह सब जल्द सुलझा लिया जाएगा।’

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।