

नयी दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने बृहस्पतिवार को कॉकरोच जनता पार्टी-लोकतांत्रिक (कोजपा-डी) के गठन की घोषणा की। उन्होंने इसे कॉकरोच जनता पार्टी के विकल्प के रूप में पेश किया और अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाले संगठन पर उस छात्र आंदोलन से दूर जाने का आरोप लगाया, जिससे यह संगठन उभरा था।





ब्रह्मभट्ट ने पहले कॉजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन का विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन अब आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी लोगों की ‘‘मनमाने ढंग से चुनी गई टीम’’ बन गया है और आंदोलन में शामिल रहे स्वयंसेवकों तथा प्रदर्शनकारियों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है।
ब्रह्मभट्ट ने कहा, ‘‘आज हम कॉकरोच जनता पार्टी-लोकतांत्रिक की शुरुआत कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि नया मंच आंदोलन में शामिल रहे लोगों की ‘‘सामूहिक ताकत’’ को एकजुट करने का प्रयास करेगा।
कॉजपा की शुरुआत पहले एक ऑनलाइन व्यंग्य मंच के रूप में हुई थी। बाद में इसने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली में छात्रों के नेतृत्व में आंदोलन किया। इसके बाद संगठन ने देशभर में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने की योजना की घोषणा की।
कॉजपा के संस्थापक दीपके ने कहा है कि संगठन चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय जनता के मुद्दों पर दबाव बनाने वाले समूह के रूप में काम करेगा।
ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि कॉजपा के नए नेतृत्व में आंदोलनकारियों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कई लोगों को इसमें शामिल किया गया, जबकि अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े स्वयंसेवकों और प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले लोगों को बाहर रखा गया।
ब्रह्मभट्ट ने सवाल किया, ‘‘आम आदमी पार्टी से जुड़े आठ लोगों को ही क्यों शामिल किया गया है?’’
उन्होंने कहा कि शिवसेना, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस समेत विभिन्न दलों से जुड़े लोगों ने आंदोलन में हिस्सा लिया था, लेकिन नए संगठनात्मक ढांचे में उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।
ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उनके नेतृत्व वाला संगठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए एक राष्ट्रीय टीम बनाने और फैसले लेने की प्रक्रिया में स्वयंसेवकों और प्रदर्शनकारियों को शामिल करने की कोशिश करेगा।
