जितेंद्र सिंह का बंगाल की वैज्ञानिक, बौद्धिक विरासत को बहाल करने का आह्वान

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल की वैज्ञानिक और बौद्धिक विरासत को पुनर्स्थापित करने का आह्वान किया, साथ ही भारत के बढ़ते स्टार्टअप परिवेश को रेखांकित किया।

Razi Ahmad
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

कोलकाता: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पश्चिम बंगाल की वैज्ञानिक और बौद्धिक विरासत को पुनर्स्थापित करने का रविवार को यह कहते हुए आह्वान किया कि कोलकाता ऐतिहासिक रूप से ‘‘नए चलन की शुरुआत करने वाला’’ रहा है और देश के भविष्य को आकार देने में अब भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री सिंह ने यहां ‘आरआईएसई (रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्ट-अप एंड एंटरप्रेन्योरशिप) कॉन्क्लेव 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के वैश्विक प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप के प्रमुख शक्ति केंद्र बनने की यात्रा में उसके ऐतिहासिक उत्कृष्टता केंद्रों की विरासत को फिर से हासिल करना भी शामिल होना चाहिए।

सिंह ने कहा, ‘‘कोलकाता हमेशा से एक ‘ट्रेंड सेटर’ (नए चलन की शुरुआत करने वाला) रहा है।’’

उन्होंने शहर की गहरी बौद्धिक और वैज्ञानिक विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि कोलकाता का योगदान शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, साहित्य, कला और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में रहा है।

सिंह ने कहा कि बंगाल की वैज्ञानिक और बौद्धिक विरासत वर्तमान पीढ़ी पर राज्य की ‘‘ऐतिहासिक स्थिति’’ को फिर से स्थापित करने की जिम्मेदारी डालती है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत करीब 2,40,000 ‘स्टार्ट-अप’ के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ‘स्टार्ट-अप’ परिवेशी तंत्र बनकर उभरा है।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।