


रांची: राजधानी में जाम की समस्या से परेशान लोगों के लिए सुकुरहुटू का ट्रांसपोर्ट नगर राहत की उम्मीद लेकर आया है। शहर में बढ़ते भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए तैयार किए गए ट्रांसपोर्ट नगर के फेज-1 और फेज-2 का बुधवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।





रांची नगर निगम, जिला प्रशासन और जुडको के अधिकारियों के साथ हुए इस निरीक्षण में ट्रांसपोर्ट नगर की मौजूदा सुविधाओं से लेकर इसके संचालन की तैयारियों तक की जानकारी ली गई।
ट्रांसपोर्ट नगर में क्या-क्या देखा गया?
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट नगर के लेआउट, एंट्री-एग्जिट व्यवस्था, पार्किंग एरिया, लोडिंग-अनलोडिंग की जगह और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।
ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ी जरूरतों को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। नगर आयुक्त ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर को सिर्फ वाहनों की पार्किंग तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसे रांची शहर की जरूरत के हिसाब से व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए।
इसके लिए अलग-अलग वाहनों के लिए क्षेत्र तय करने, रूट प्लान तैयार करने और संचालन से जुड़े दूसरे जरूरी पहलुओं पर काम करने का निर्देश दिया गया है। सभी संबंधित लोगों से बातचीत के बाद आगे की कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव होगा कम
रांची की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही अक्सर जाम की बड़ी वजह बनती है। कई जगह सड़क किनारे ट्रकों की पार्किंग और सामान की लोडिंग-अनलोडिंग से भी ट्रैफिक प्रभावित होता है।
ट्रांसपोर्ट नगर के व्यवस्थित संचालन के बाद भारी मालवाहक वाहनों के लिए एक तय जगह उपलब्ध होगी। इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नगर आयुक्त ने भी कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर के संचालन से रांची की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।
ट्रक चालकों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों तक को सुविधा
ट्रांसपोर्ट नगर में भारी वाहनों की पार्किंग के साथ लोडिंग-अनलोडिंग, ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े काम और वाहन चालकों के ठहरने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
इससे शहर के अंदर सड़क किनारे होने वाली ट्रकों की बेतरतीब पार्किंग और माल चढ़ाने-उतारने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
रांची के लोगों को क्या फायदा होगा?
अगर ट्रांसपोर्ट नगर का संचालन योजना के मुताबिक होता है, तो इसका सीधा असर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ सकता है। भारी वाहनों का दबाव कम होने से प्रमुख सड़कों पर जाम घट सकता है और लोगों का सफर आसान हो सकता है।
इसके साथ ही यात्रा में लगने वाला समय कम होने और सड़क हादसों के जोखिम में कमी आने की भी उम्मीद है। शहर में माल ढुलाई से जुड़े कामों के लिए अलग जगह मिलने से परिवहन व्यवस्था ज्यादा व्यवस्थित हो सकती है।
अब सबसे अहम बात यह होगी कि सुकुरहुटू ट्रांसपोर्ट नगर का संचालन कब पूरी तरह शुरू होता है और शहर से भारी वाहनों को यहां किस तरह शिफ्ट किया जाता है।
