वैश्विक वित्त के भविष्य का स्वरूप तय करने में भरोसेमंद भागीदार बन सकता है भारत : आरबीआई गवर्नर

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत वैश्विक वित्त की भावी व्यवस्था में भरोसेमंद भागीदार बन सकता है, साथ ही डिजिटल वित्तीय ढांचे को मजबूत कर रहा है।

Razi Ahmad
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मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के पास वैश्विक वित्त की भावी व्यवस्था का ढांचा निर्धारित करने में एक भरोसेमंद भागीदार बनने का अवसर है।

उन्होंने यहां वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में कहा कि केंद्रीय बैंक अगली पीढ़ी की वित्तीय सेवाओं के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तैयार करने पर भी काम कर रहा है। उन्होंने एकीकृत ऋण सुविधा (यूएलआई) का उदाहरण दिया।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।