शहर की इंटरनेट व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कंपनियों को 15 सितंबर तक का समय, जानें फिर क्या होगा

रांची में केबल और इंटरनेट तार हटाने के दौरान सेवा ठप होने पर हाईकोर्ट नाराज हुआ। अदालत ने दो घंटे में इंटरनेट बहाल करने और कंपनियों को समन्वय के निर्देश दिए।

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची शहर में बिजली के खंभों पर फैले केबल और इंटरनेट तारों को हटाने के दौरान पूरी इंटरनेट सेवा ठप होने पर सख्त नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका आदेश मकड़जाल की तरह फैले तारों को हटाने का था, न कि शहर की इंटरनेट सेवा को ही बंद कर देने का। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने दो घंटे के भीतर शहर में इंटरनेट सेवा बहाल करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद दोपहर तक कई क्षेत्रों में सेवा फिर से शुरू कर दी गई।

हाईकोर्ट ने बिजली वितरण निगम, ऊर्जा विभाग और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों के अधिकारियों की खिंचाई करते हुए उन्हें आपसी समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट कंपनियों के प्रतिनिधि अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर काम करें ताकि इस तरह की लापरवाही से आम जनता, सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों का कामकाज प्रभावित न हो।

मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को तय की गई है, तब तक शहर की इंटरनेट व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए कंपनियों को 15 सितंबर तक का समय दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शहर को सुंदर बनाने और अव्यवस्थित तारों को हटाने का काम जारी रहेगा, लेकिन इस दौरान नागरिकों की सुविधाएं बाधित नहीं होनी चाहिए।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।