पीढ़ियों से संजोई गई समृद्ध विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति है मुंडारी भाषा : अर्जुन मुंडा

मुंडारी भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और इतिहास की जीवंत अभिव्यक्ति है, इसके संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर अर्जुन मुंडा ने दिया विशेष जोर।

Razi Ahmad
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रांची : पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा रविवार को पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान में मुंडारी साहित्य परिषद एवं भारत मुंडा समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुंडारी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, इतिहास और पीढ़ियों से संजोई गई समृद्ध विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति है।

बैठक में मुंडारी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन, इसके साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा नई पीढ़ी के बीच भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

इस अवसर पर श्री मुंडा ने मुंडारी भाषा की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करते हुए इसे शिक्षा, साहित्य, कला और आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा दौरान उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।