नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के करीबियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया कार्रवाई का हवाला देते हुए मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पार्टी नेताओं व पदाधिकारियों के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर ‘‘मौन’’ रहने का आरोप लगाया। भाजपा ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित रात्रिभोज में शामिल नहीं होने पर कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों पर निशाना साधते हुए इसे ‘‘शर्मनाक’’ करार दिया। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस की तथाकथित ‘‘मोहब्बत की दुकान’’ में वास्तव में ‘‘भ्रष्टाचार का कारोबार’’ होता दिख रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी जी से पूछना चाहती हूं कि एक तरफ तो वह छात्रों की बात करते हैं, लेकिन जब उनकी अपनी ही पार्टी के सदस्य देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं, तो क्या उसकी आवाज उनके कानों तक नहीं पहुंचती?’’ प्रवर्तन निदेशालय ने 10 सितंबर को 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व निजी सहायक चंदन सिंह जीना के परिसरों पर छापेमारी की थी। भाजपा सांसद ने कहा कि तलाशी के दौरान बरामद संपत्ति जीना की आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी।
उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की भर्ती परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) की गिरफ्तारी का भी संदर्भ दिया। स्वराज ने आरोप लगाया, ‘‘हाल में आपने देखा कि हिमाचल में अनुबंध के जरिये भर्ती में कमीशनखोरी का मामला सामने आया और एक नेता के बेटे पर आरोप लगे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहती हूं कि आप बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, युवाओं के भविष्य और बेरोजगारी की बात करते हैं, लेकिन जब आपकी अपनी पार्टी के सदस्यों और नेताओं की बात आती है और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े ऐसे गंभीर सवाल उठते हैं, तो आप मौन क्यों हो जाते हैं?’’
ब्रिक्स रात्रिभोज को लेकर स्वराज ने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन जब मुद्दा भारत और राष्ट्रीय हित से जुड़ा हो तो किसी तरह का द्वेष नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों का ब्रिक्स रात्रिभोज में शामिल नहीं होना ‘‘बेहद दुखद और शर्मनाक’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहती हूं कि क्या आपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विरोध करते-करते मां भारती का विरोध करना शुरू कर दिया है?’’ स्वराज ने कहा कि ब्रिक्स का मंच न तो भाजपा का था और न ही कोई राजनीतिक मंच था, बल्कि यह भारत का मंच था और ‘‘मां भारती’’ के सम्मान का विषय था।

