अदालत में जमा था पासपोर्ट, गुजरात के व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों से बनवा लिया दूसरा

गुजरात एटीएस ने पीएएएस के पूर्व सदस्य हरिकेश पटेल को फर्जी दस्तावेजों से दूसरा पासपोर्ट बनवाने के आरोप में गिरफ्तार किया। ईडी मामले में मूल पासपोर्ट जमा करने के बाद किया गया था धोखा।

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अहमदाबाद: पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के एक पूर्व सदस्य को कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके दूसरा पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में अदालत में अपना पासपोर्ट जमा किया था। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सूचना के आधार पर शहर के शाहीबाग इलाके के निवासी हरीकेश पटेल को 12 सितंबर को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि पटेल की मां कांग्रेस पार्टी की सदस्य हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पटेल ने ईडी द्वारा दर्ज “पावरबैंक ऐप” से जुड़े धनशोधन मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अपना “भारतीय पासपोर्ट” जमा कराया था। बयान में कहा गया, “हालांकि, बाद में उसने झूठे दस्तावेज और फर्जी जानकारी देकर दूसरा पासपोर्ट हासिल कर लिया।” बयान के अनुसार, धनशोधन मामले में पटेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई थी, जिसके बाद उसने उच्च न्यायालय का रुख किया था। बयान में कहा गया कि 30 की उम्र पार कर चुके पटेल ने इस दौरान कथित तौर पर गिरफ्तारी से बचने और विदेश जाने के इरादे से दिल्ली अपराध शाखा में पासपोर्ट खोने की झूठी शिकायत दर्ज कराई।

बयान के मुताबिक, इसके बाद उसने आधार कार्ड में उत्तर प्रदेश के आगरा का फर्जी पता दर्ज कराया और उसके आधार पर जरूरी दस्तावेज हासिल कर 26 जुलाई 2024 को गाजियाबाद स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से दूसरा पासपोर्ट बनवा लिया। एटीएस ने बताया कि पटेल ने इस दूसरे पासपोर्ट का इस्तेमाल भूटान के रास्ते बैंकॉक, सिंगापुर और दुबई की यात्रा करने के लिए किया और नेपाल के रास्ते भारत लौटा। बयान में कहा गया कि पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है तथा जांच जारी है। एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद 13 सितंबर को उसे छह दिन की रिमांड पर लिया गया। पीएएएस एक सामाजिक-राजनीतिक संगठन है, जिसका गठन 2015 में गुजरात में पाटीदार समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का दर्जा तथा सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण दिलाने के आंदोलन के लिए किया गया था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।