झारखंड में ब्लड सप्लाई की जिम्मेदारी निजी हाथों में सौंपने पर उठा विवाद, सामाजिक संगठनों ने MoU सार्वजनिक करने की मांग उठाई; 24 को होगी बड़ी बैठक

झारखंड में ब्लड सप्लाई की व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपने को लेकर सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए। MoU सार्वजनिक करने की मांग के बीच 24 सितंबर को बैठक होगी।

Razi Ahmad
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
Jharkhand Blood Supply: झारखंड में रक्त की उपलब्धता और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राजधानी रांची के कॉमरेड महेंद्र सिंह भवन में शनिवार को सामाजिक संगठनों, रक्तदाताओं और मरीजों के परिजनों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें सरकार द्वारा ब्लड सप्लाई की व्यवस्था एक निजी कंपनी को सौंपे जाने के फैसले पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई गई।

बैठक के मुख्य मुद्दे और सवाल

बैठक में आरोप लगाया गया कि राज्य के सरकारी ब्लड बैंकों में पिछले करीब सात महीनों से खून की भयंकर कमी बनी हुई है, लेकिन सरकार रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को चार घंटे में रक्त उपलब्ध कराने के नाम पर ‘एम.एस. साइंस’ नामक निजी कंपनी के साथ किए गए समझौते (MoU) पर सवाल उठाए गए। संगठनों ने मांग की है कि सरकार इस MoU की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे और यह बताए कि उस कंपनी का इस क्षेत्र में क्या अनुभव है।
बैठक में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश, चाईबासा की घटना की रिपोर्ट सार्वजनिक न होने, डोनर कार्ड बंद किए जाने तथा 9 दिसंबर 2025 को विधानसभा में की गई घोषणाओं को लागू न करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

24 सितंबर को होगी आर-पार की रणनीति पर चर्चा:

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह तय किया गया है कि इन तमाम मुद्दों को लेकर आगामी 24 सितंबर को एक और बड़ी बैठक बुलाई जाएगी। इसमें राज्यभर के रक्तदान शिविर आयोजक, सामाजिक कार्यकर्ता, रक्तदाता और पीड़ित मरीजों के परिजन शामिल होकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
इस बैठक की अध्यक्षता ‘रक्तमित्र’ और राज्य नेत्री नंदिता भट्टाचार्य ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाकपा माले झारखंड के राज्य सचिव मनोज भक्त उपस्थित रहे। “लहू बोलेगा” रक्तदान संगठन और अन्य संगठनों के बैनर तले आयोजित इस बैठक में कई गणमान्य लोग और रक्त विकार से पीड़ित मरीजों के परिजन मौजूद रहे।
Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।