रांची: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) को उग्रवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर रविवार तड़के पांच बजे की गई घेराबंदी के दौरान टीएसपीसी (TSPC) के सुप्रीमों ब्रजेश सिंह गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मुठभेड़ में मार गिराया। चतरा जिले के लावालॉन्ग थाना क्षेत्र के लुट्टू साहावन का रहने वाला यह खूंखार उग्रवादी पिछले 20 सालों से फरार चल रहा था। उस पर झारखंड सरकार द्वारा 25 लाख रुपये और एनआईए द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा, वह सिमरिया के पूर्व विधायक गणेश गंझू का बड़ा भाई था।
मिली जानकारी के अनुसार एटीएस को सूचना मिली थी कि ब्रजेश गंझू मिर्जापुर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने की फिराक में है। इस पर कार्रवाई करते हुए एटीएस की टीम ने मिर्जापुर-प्रयागराज सीमा पर घेराबंदी की। जब सुरक्षाबलों ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उग्रवादी की ओर से गोलीबारी शुरू कर दी गई। जवाबी कार्रवाई में ब्रजेश गंझू गोली लगने से ढेर हो गया।
ब्रजेश गंझू पर चतरा, पलामू और आसपास के जिलों में डकैती, हत्या, अपहरण, रंगदारी, आगजनी, सुरक्षाबलों पर हमला और अवैध हथियार व विस्फोटक रखने समेत 50 से भी अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। अकेले चतरा जिले में ही उस पर 44 से ज्यादा केस दर्ज थे। मुठभेड़ स्थल से एटीएस की टीम ने दो पिस्तौल, एक कारबाइन, कारतूस और अन्य सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई से उग्रवादी संगठन टीएसपीसी को बहुत बड़ा झटका लगा है।


