रांची: झारखण्ड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की एक ऑनलाइन बैठक केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) में कार्यरत आउटसोर्स और मानव दिवस कर्मचारियों की समस्याओं पर गहरा मंथन किया गया। बैठक में संघ ने मांग उठाई कि आगामी नियमित नियुक्तियों में वर्षों से सेवा दे रहे मानव दिवस कर्मियों को 2016 और 2018 की तर्ज पर प्राथमिकता दी जाए तथा उनकी आयु सीमा में मिलने वाली छूट को 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किया जाए। संघ ने राज्य गठन के 26 वर्षों के बाद भी पड़े हजारों तकनीकी रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नियमित बहाली की प्रक्रिया शुरू करने पर जोर दिया। इसके साथ ही, वर्ष 2014 में तैयार की गई मानव दिवस कर्मियों की सूची को सेवा अवधि निर्धारण का आधार बनाने और 2014 के बाद से कार्यरत कर्मचारियों को भी उनके वास्तविक कार्यकाल के अनुसार अनुभव का लाभ देने की मांग की गई।
बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट के उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार मामले के सिद्धांतों का हवाला देते हुए लगातार कार्यरत कर्मियों के उचित नियमितीकरण पर विचार करने का आग्रह किया गया। संघ ने गैर-तकनीकी श्रेणी जैसे माली, स्वीपर, चालक, खलासी और पेट्रोलिंगमैन के पदों पर भी नियमित बहाली निकालने की बात कही। आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के लिए ‘समान काम के लिए समान वेतन’ लागू करने की पुरजोर मांग करते हुए संघ ने कहा कि एक समान कार्य करने के बावजूद कर्मचारियों को काफी कम पारिश्रमिक मिलता है। विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केवल प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही जोखिम भरे काम कराने की सलाह दी गई।
वर्तमान एजेंसी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संघ ने 2017 से पूर्व की प्रत्यक्ष व्यवस्था को पुनः लागू करने या पूरे राज्य में एकल एजेंसी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता आए। इसके अलावा कार्य के दौरान जान गंवाने वाले दैनिक कर्मियों के आश्रितों के लिए एक संवेदनशील और स्पष्ट रोजगार नीति बनाने की मांग रखी गई। केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि ये कर्मचारी बिजली व्यवस्था की रीढ़ हैं और विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं। इसलिए इनके भविष्य को अनिश्चित छोड़ना अनुचित है। उन्होंने निगम प्रबंधन से उम्मीद जताई कि वह कर्मचारियों के हितों, सेवा अवधि के सम्मान और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक व व्यावहारिक निर्णय लेगा। इस बैठक में अमित कुमार कश्यप, अनिकेत सिंह, मनु भगवान मिश्रा, अभय कुमार सिंह, मुकेश यादव समेत कई पदाधिकारी और सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए।


