रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के रातू थाना कांड संख्या 111/2026 में आरोपी राहुल पाठक को बड़ा झटका देते हुए उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की कथित हत्या और उसके शव को गायब करने से जुड़ा है।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने केस डायरी के तथ्यों को सामने रखा, जिसमें हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य नष्ट करने के गंभीर आरोप शामिल हैं। मामले की गंभीरता और प्रकृति को देखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
इंस्टाग्राम विवाद के बाद सामने आया था मामला
यह सनसनीखेज मामला अप्रैल 2026 में सामने आया था। रांची के रातू थाना क्षेत्र के झखड़ाटांड़ गांव की 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी राहुल पाठक मृतका को अपनी मुंहबोली बहन बताता था। अभियोजन के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के इस्तेमाल को लेकर उपजे विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर इस वारदात को अंजाम दिया।
शव को गयाजी ले जाकर दाह संस्कार करने का गंभीर आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हत्या के बाद अपराध को छिपाने के लिए साक्ष्यों को पूरी तरह मिटाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि राहुल पाठक ने अपने पिता सुबोध पाठक के साथ मिलकर शव को एक निजी एंबुलेंस के जरिए बिहार के गयाजी ले जाकर उसका दाह संस्कार कर दिया। जांच एजेंसी का कहना था कि शव का दाह संस्कार कर देने से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
हाईकोर्ट ने क्यों ठुकरायी जमानत?
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष (अभियोजन) ने आरोपी की जमानत का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि मामला एक नाबालिग की हत्या और उसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव गायब करने से जुड़ा है। ऐसे में आरोपी को जमानत मिलने पर न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने केस की संवेदनशीलता और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों को आधार बनाते हुए राहुल पाठक की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा।


