रांची : रांची नगर निगम ने शहर के कोचिंग संस्थानों में छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और मानकयुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। निगम द्वारा शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में भवन निर्माण एवं अन्य निर्धारित नियमों के अनुपालन को लेकर लगातार विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई भी की जा रही है।

इसी सिलसिले में हाल ही में सील किए गए कोचिंग संस्थानों के प्रबंधकों और शहर के अन्य कोचिंग संचालकों ने नगर आयुक्त सुशांत गौरव से मुलाकात की। इस दौरान संचालकों ने निगम द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन करने का भरोसा दिया।नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का मकसद किसी संस्थान की पढ़ाई-लिखाई को प्रभावित करना नहीं, बल्कि छात्रों को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
मानकों को पूरा करने के बाद ही हटेगी सील
नगर आयुक्त ने कहा कि ‘नेशनल बिल्डिंग कोड’, ‘झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011’ और ‘झारखंड भवन उपविधि’ के तहत नियमों का पालन सुनिश्चित होने के बाद ही संस्थानों को डी-सील (Un-sealing) करने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए संस्थानों को कमियों को दूर कर शपथ-पत्र के माध्यम से निगम को जानकारी देनी होगी। उन्होंने कोचिंग संचालकों से अपील की कि वे इस कार्रवाई को केवल सजा के तौर पर न देखें, बल्कि इसे अपने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में लें।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में किसी भी प्रकार का मॉडिफिकेशन, NOC या वैधानिक प्रक्रिया बाकी है, वे उसे जल्द से जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षा के भरोसे कोचिंग भेजते हैं, इसलिए संस्थानों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
उन्होंने चेतावनी दी है कि रांची नगर निगम का यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और शहर के सभी कोचिंग संस्थानों तथा लाइब्रेरी तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त संजय कुमार सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालक उपस्थित थे।
इन मानकों का पालन करना अनिवार्य
फायर NOC प्राप्त करना और अग्नि सुरक्षा उपकरणों का अनुपालन।
वैध ट्रेड लाइसेंस की उपलब्धता।
विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित व पर्याप्त प्रवेश एवं निकास मार्ग।
कमरों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही छात्रों को बैठाना।
आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकास की समुचित व्यवस्था।
समय-समय पर मॉक ड्रिल करना और आपदा प्रबंधन की तैयारी रखना।


