सतगावां : शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों की कमी समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राज्य संपोषित +2 उच्च विद्यालय बासोडीह के सैकड़ों छात्र-छात्राओं का आक्रोश बुधवार को सड़क पर दिखा। विद्यार्थी विद्यालय परिसर से पैदल मार्च करते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।

विद्यार्थियों के अनुसार विद्यालय में करीब 2900 विद्यार्थी नामांकित हैं, जबकि पढ़ाने के लिए महज 8 शिक्षक उपलब्ध हैं। शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं हो पा रही हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौर में पर्याप्त शिक्षकों का नहीं होना उनके लिए बड़ी समस्या है। धरना दे रहे छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था करने के साथ विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति में सुधार, पेयजल की समुचित व्यवस्था, लिपिक की नियुक्ति समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। विद्यार्थियों ने कुछ शिक्षकों पर कथित रूप से धमकी देने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग भी उठाई।
अधिकारियों ने समझाने का किया प्रयास, उपायुक्त को बुलाने पर अड़े छात्र
धरना की सूचना मिलने पर बीडीओ मनोज कुमार रवि, बीपीओ अशोक उपाध्याय समेत पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन छात्र-छात्राएं कोडरमा उपायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
करीब 4 घंटे बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मुकुल राज भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। हालांकि विद्यार्थी अपनी मांग पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि वे अपनी समस्याएं सीधे उपायुक्त के समक्ष रखना चाहते हैं और समाधान के लिए ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
बोले विद्यार्थी- आश्वासन नहीं, चाहिए समस्याओं का स्थायी समाधान
विद्यार्थियों ने कहा कि विद्यालय की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। बार-बार आश्वासन मिलने के बजाय अब उन्हें समस्याओं का स्थायी समाधान चाहिए। छात्रों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही गुरुवार को विद्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी भी दी। छात्रों के लगातार विरोध और अपनी मांगों पर अड़े रहने से धरना स्थल पर अधिकारियों के साथ काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि शिक्षकों की कमी दूर करने के साथ विद्यालय की अन्य शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं का भी तत्काल समाधान कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके।


