नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम सुधारने या बदलने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। इस नई नीति के तहत नाम में होने वाले हर प्रकार के संशोधन के लिए अलग-अलग दस्तावेज और प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। यदि किसी व्यक्ति के नाम में मामूली सुधार, स्पेलिंग की गलती दुरुस्त करना, सरनेम जोड़ना-हटाना या अक्षरों के क्रम में बदलाव करना है, तो इसके लिए संबंधित व्यक्ति का मान्य पहचान प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। वहीं, डेटा एंट्री या ऑपरेटर की गलती के कारण नाम खराब होने पर वयस्कों को ‘अनुबंध-बी’ और नाबालिगों को ‘अनुबंध-सी’ के तहत शपथ पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

विवाह या तलाक के बाद नाम में होने वाले बदलावों के लिए ‘अनुबंध-डी’ का शपथ पत्र और पहचान पत्र देना होगा, जबकि पूरा या बड़ा नाम बदलने की स्थिति में आधिकारिक गजट अधिसूचना तथा पुराने नाम का फोटो पहचान पत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार सामान्य प्रक्रिया के तहत आधार में केवल दो बार ही नाम अपडेट कराया जा सकता है। इससे अधिक बार नाम बदलने के लिए अपवाद प्रक्रिया अपनानी होगी, जिसके लिए आधार केंद्र में आवेदन देने के बाद 1947 हेल्पलाइन या प्राधिकरण के आधिकारिक माध्यम से विशेष अनुरोध दर्ज कराना होगा।


