नयी दिल्ली: पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार से जुड़े लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने और दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था।

उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सोमवार देर रात एक बजकर 42 मिनट पर विशेष अनुमति याचिका दाखिल की।
उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता निखिल सराफ की ओर से दायर एक याचिका पर यह आदेश दिया था।
आरोपों में तबादलों और अनुकूल नीतियां हासिल करने के लिए पैसे लेने जैसे आरोप शामिल हैं।
याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
याचिका में दलील दी गई है कि आरोप स्वतंत्र जांच के योग्य हैं, क्योंकि इससे राज्य सरकार के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
उच्च न्यायालय ने पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार को मामले से संबंधित सभी दस्तावेज केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का भी निर्देश दिया है।


