जमशेदपुर : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को मताधिकार से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत सेक्स वर्कर, बेघर लोगों और वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिक दस्तावेजों की कमी या अन्य कठिनाइयों के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न रहें।

दस्तावेज जुटाने में करेंगे मदद
सेक्स वर्करों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए झारखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी और संबंधित गैर-सरकारी संगठन (NGO) दस्तावेज जुटाने तथा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग करेंगे। पूर्वी सिंहभूम जिले में इस कार्य के लिए चार एनजीओ पंजीकृत हैं।
दस्तावेज नहीं होने पर भी होगी जांच
निर्देशों के अनुसार, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में संबंधित मामलों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी। उम्र और पते से जुड़े विवरणों की पुष्टि के लिए उपलब्ध कागजात एवं आवश्यक घोषणापत्र के आधार पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी निर्णय लेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित व्यक्तियों की पहचान और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने की पहल
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सेक्स वर्करों, बेघर लोगों और वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों सहित पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर देना है। इससे समाज के उन वर्गों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिन्हें अक्सर दस्तावेजों और अन्य व्यावहारिक समस्याओं के कारण सरकारी प्रक्रियाओं तक पहुंचने में कठिनाई होती है।


