चोरबागान दुर्गा पूजा घटना में होमगार्ड की भूमिका जांच के घेरे में: शुभेंदु ने कोलकाता भगदड़ पर कहा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

Razi Ahmad
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड की भूमिका की जांच करने के रविवार को निर्देश दिए। शनिवार को हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी।

पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उनका प्रशासन पिछली सरकार द्वारा की गई ‘‘गलतियों को ढो रहा है’’।
शनिवार शाम बारिश के बीच भीड़ बढ़ने से उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगदड़ में भूमिका की जांच के लिए पूजा पंडाल में ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड के नामों की सूची मांगी है। उन्होंने कहा, ‘‘ये होमगार्ड नए भर्ती किए गए कर्मी नहीं हैं। वे लगातार तीसरे साल ड्यूटी पर तैनात थे। उन्हें इससे पहले 2024 और 2025 में नियुक्त किया गया था।’’

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘हम पूर्ववर्ती सरकार की गलतियों का बोझ ढो रहे हैं। इसे सुधारने में समय लगेगा।’’

उन्होंने बताया कि रविवार सुबह पंडाल में उन्होंने एक होमगार्ड से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह ‘‘बांग्ला समझ भी नहीं सकता था, बोलना तो दूर की बात है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘घटनास्थल का दौरा करने के बाद इस हादसे को लेकर मेरी राय बदल गई। पहले मुझे जो जानकारी दी गई थी, उससे घटनास्थल पर स्थिति अलग थी।

हादसा पंडाल के अंदर नहीं, बल्कि प्रवेश और निकास के लिए इस्तेमाल होने वाले साझा द्वार पर हुआ। पंडाल के अंदर रोशनी भी कम थी। मैं यह सोचकर सिहर उठता हूं कि अगर यह हादसा अंदर हुआ होता तो क्या स्थिति होती।’’

उन्होंने कहा कि प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वारों की उचित व्यवस्था करने के बजाय होमगार्ड ने हाथ में पकड़ी जाने वाली रस्सी से एक ही रास्ते को दो हिस्सों में बांट रखा था।

मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘‘जब बारिश शुरू हुई, तो उन्होंने रस्सियां हटा दीं और खुद को भीगने से बचाने के लिए वहां से हटकर शरण ले ली।’’

उन्होंने कहा कि प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था नहीं होने के कारण अफरा-तफरी हो गई।

हालांकि, उन्होंने कहा कि पूजा आयोजकों और अनुमति जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आयोजकों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी। हम कोलकाता पुलिस और अग्निशमन विभाग की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। इन विभागों ने जरूरी लाइसेंस जारी किए थे और उन्हें पहले ही इन समस्याओं को दूर कर लेना चाहिए था।’’

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।