रामगढ़ (नेमरा): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी मां रूपी सोरेन का श्राद्ध किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रूपी सोरेन (80) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। उनका सात अक्टूबर को रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। आठ अक्टूबर को नेमरा के ढेकानाला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था।

दशकर्म की रस्म के एक दिन बाद श्राद्ध का आयोजन किया गया। परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपना मुंडन भी कराया।
श्राद्ध के बाद आयोजित संस्कार भोज में शामिल होने के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग नेमरा पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि सोरेन ने नेमरा पहुंचे लोगों से मुलाकात की, उनका अभिवादन और स्नेह स्वीकार किया तथा दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने के लिए सभी का आभार जताया।
झामुमो के महासचिव फागू बेसरा ने कहा, “तीन बड़े पंडाल बनाए गए हैं। इनमें से प्रत्येक में एक बार में 1,500 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था है। पूरे झारखंड और पड़ोसी राज्यों से हजारों लोग भोज में शामिल हुए हैं।”
रामगढ़ के उपायुक्त (डीसी) ऋतुराज ने बताया कि भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है और वीआईपी तथा वीवीआईपी लोगों के आगमन के लिए तीन हेलीपैड तैयार किए गए हैं।
नेमरा से करीब पांच किलोमीटर दूर लुकैयातांड़ में चार पहिया और दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि पार्किंग स्थल से लोगों को नेमरा तक पहुंचाने के लिए 400 से अधिक ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है।
अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता, समर्थक और ग्रामीण सोरेन परिवार के प्रति संवेदना जताने के लिए लगातार नेमरा पहुंच रहे हैं।


