वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, लालफीताशाही खत्म करने की दी सलाह

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल बनाने की मांग की है। उन्होंने एचआरएमएस पोर्टल हर तीन महीने में सात दिनों तक खोलने का सुझाव दिया।

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रांची: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जटिलता और लालफीताशाही (टालमटोल) की मानसिकता को समाप्त किया जाना बेहद जरूरी है।

वित्त मंत्री का कहना है कि प्रशासनिक तंत्र का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और सरकारी पदाधिकारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना होना चाहिए। जिस प्रकार कारोबार को आसान बनाने के लिए नियमों को लचीला और सहज बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है, उसी प्रकार आम जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक कामकाज के जटिल नियमों में ढील देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत नियम आसान किए जा रहे हैं, तो आम जनता के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ और सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘ईज ऑफ गवर्नेंस’ की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

एचआरएमएस पोर्टल को लेकर दी सलाह

इसके अलावा, वित्त मंत्री ने मानव संपदा पोर्टल को लेकर भी एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने पुलिस संघ के पदाधिकारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन का हवाला देते हुए बताया कि जनवरी-फरवरी के निर्धारित समय में यदि कोई पुलिस पदाधिकारी किसी कारणवश अपनी संपत्ति का ब्योरा दर्ज नहीं करा पाता, तो पोर्टल बंद होने से उसे भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 300 पुलिस पदाधिकारियों के हित को ध्यान में रखते हुए विशेष परिस्थितियों में वर्ष के बीच में भी पोर्टल खोलने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जनवरी-फरवरी के अलावा प्रत्येक तीन महीने में सात दिनों के लिए इस पोर्टल को पुनः खोला जाना चाहिए, जिससे उन अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत मिल सके जो तय समय सीमा में अपना विवरण दर्ज नहीं करा पाए थे। इससे कार्मिक विभाग को कोई प्रशासनिक नुकसान नहीं होगा और आम नागरिकों व कर्मियों के लिए व्यवस्थाएं अधिक सहज हो सकेंगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।