रांची : सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से रांची जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक विशेष अभियान चलाया गया। दलादली चौक, तिलता चौक और ओरमांझी समेत कई प्रमुख इलाकों में आयोजित इस अभियान के जरिए वाहन चालकों, स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों को सुरक्षित यातायात के तौर-तरीके सिखाए गए।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और राज्यवासियों के जीवन की रक्षा करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंशा का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों को केवल कानून न समझें, बल्कि इसे अपनी रोजाना की जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे लगभग 700 चालकों को रोककर समझाया गया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि हेलमेट महज चालान से बचने का जरिया नहीं, बल्कि जान बचाने का एक बेहद जरूरी साधन है। लोगों को खास अंदाज में जागरूक करने के लिए बिना हेलमेट वाले चालकों को माला पहनाई गई, उनका मुंह मीठा कराया गया और उन्हें मुफ्त में हेलमेट व सड़क सुरक्षा से जुड़े पंपलेट बांटे गए। साथ ही, मौके पर मौजूद सभी लोगों को नियमों के निष्ठापूर्वक पालन की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम को प्रभावी और मनोरंजक बनाने के लिए सांस्कृतिक मंडली द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के जरिए बिना हेलमेट गाड़ी चलाने और लापरवाही के गंभीर परिणामों को दर्शाया गया। इसमें यमराज के पात्र के माध्यम से लोगों को बड़े ही रोचक ढंग से सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। इसके अलावा, सड़क किनारे दुकानदारों और आम लोगों से अपील की गई कि वे फुटपाथ पर अतिक्रमण न करें और वाहनों को अनियमित रूप से पार्क करने से बचें, ताकि हादसों और जाम की स्थिति से बचा जा सके।
परिवहन सचिव ने कहा कि सुरक्षित यातायात केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का सामाजिक कर्तव्य है। दुर्घटना में किसी की जान जाने से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे ताकि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाया जा सके।


