गुप्त सूचना पर चलाया गया सर्च ऑपरेशन
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात गिरिडीह के एसपी डॉ. बिमल कुमार और CRPF की 154वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में पारसनाथ के पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से विस्फोटक सामग्री और हथियार छिपाकर रखने की आशंका जताई गई थी।

इसके बाद सूचना का सत्यापन करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए संयुक्त टीम गठित की गई। CRPF की 154वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट भट्टाचार्य उपाध्याय भाष्कर और खुखरा थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में CRPF, जैप और जिला पुलिस बल ने अभियान शुरू किया।
जंगलों में तलाशी के दौरान मिली विस्फोटक सामग्री
29 अक्टूबर की सुबह से दोपहर तक कानीडीह, चतरो, जोकाई नाला और सतकटिया के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान EMULDYNE कंपनी की 494 जिलेटिन स्टिक, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 16 कमर्शियल डेटोनेटर और कॉर्डेक्स वायर के नौ बंडल बरामद किए गए। प्रत्येक बंडल में करीब 200 मीटर वायर होने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा राइफल की सीलिंग के दो काले रंग के पीस, एक क्षतिग्रस्त स्पीकर और दो खराब वायरलेस सेट भी मिले। इनमें एक मोटोरोला और दूसरा TALKABOUT कंपनी का है।
संयुक्त अभियान में कई सुरक्षा बल शामिल
इस अभियान में CRPF की 154वीं बटालियन, जैप और जिला पुलिस बल के जवान शामिल रहे। अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन के दौरान पूरे इलाके की तलाशी ली गई।
पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र से इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की बरामदगी सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है। हालांकि, बरामद सामग्री के इस्तेमाल की संभावित योजना और इसके पीछे किसका हाथ था, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।


