दो प्रसूताओं और नवजात की मौत से मचा था हड़कंप
मामला उस समय सामने आया, जब अस्पताल में प्रसव के बाद पाटन क्षेत्र की सुमन कुमारी और गढ़वा क्षेत्र की पूजा कुमारी की तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक रक्तस्राव के बाद मौत हो गई। इसी दौरान एक नवजात की भी जान चली गई। लगातार हुई इन मौतों से इलाके में सनसनी फैल गई और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मरीजों की देखभाल में लापरवाही और केवल एक एएनएम के भरोसे मरीजों को छोड़े जाने जैसी गंभीर बातें सामने आईं।
जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया।
संयुक्त टीम ने अस्पताल को किया सील
गुरुवार देर शाम प्रशिक्षु आईएएस ऋतिक मेहता, सदर एसडीओ संजय पांडे और लेस्लीगंज अंचल अधिकारी सह सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी की संयुक्त टीम जीवन ज्योति नर्सिंग होम पहुंची। टीम ने अस्पताल को पूरी तरह सील कर दिया।
प्रशिक्षु आईएएस ऋतिक मेहता ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही और गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसी आधार पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
दोषियों पर FIR दर्ज करने की तैयारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी डॉक्टर और अस्पताल संचालक दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।
इस घटना ने निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता और चिकित्सा व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मामले में आगे की जांच और जिम्मेदार लोगों पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।


