झारखंड में टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम! 6 महीने में तैयार होगा IRIS सिस्टम, ₹22 हजार करोड़ के नुकसान का वित्त मंत्री ने किया दावा

झारखंड में टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार IRIS सिस्टम लागू करेगी। नौ विभागों के पोर्टल जुड़ेंगे, AI से गड़बड़ियों की पहचान होगी और राजस्व संग्रह बढ़ाने में मदद मिलेगी।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : झारखंड सरकार टैक्स चोरी पर नियंत्रण और राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। वाणिज्य-कर विभाग की CT-MIS परियोजना के तहत Choice Consultancy Services Private Limited के साथ समझौता हुआ है। इसके तहत Integrated Revenue Intelligence System (IRIS) विकसित किया जाएगा, जिसे छह महीने में तैयार करने और अगले तीन वर्षों तक लागू करने की योजना है।

₹22 हजार करोड़ के नुकसान का दावा

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दावा किया कि केंद्र की नीतियों के कारण झारखंड को करीब ₹22,000 करोड़ की आर्थिक क्षति हो रही है। उनके अनुसार, इसमें MMDR एक्ट से ₹14,000 करोड़, GST सुधार से ₹4,000 करोड़ और मनरेगा अनुदान में कमी से ₹4,000 करोड़ का नुकसान शामिल है। मंत्री ने कहा कि राज्य को अपनी राजस्व संग्रह क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।

9 विभागों के पोर्टल होंगे एकीकृत

IRIS के तहत GSTN, खनन विभाग के JIMMS, परिवहन विभाग के VAHAN, WAMIS, भूमि पंजीकरण, Property Tax, Labour Cess, ट्रेड लाइसेंस और बिजली बिल से जुड़े पोर्टलों का एकीकरण प्रस्तावित है। Business Intelligence (BI) और Artificial Intelligence (AI) आधारित तकनीक से आंकड़ों का विश्लेषण कर संभावित कर चोरी और राजस्व हानि की पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

सरकार को क्या होगा फायदा?

नई व्यवस्था से विभागों के बीच समन्वय बेहतर होने, राजस्व संबंधी गड़बड़ियों की पहचान और सरकारी आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी वास्तविक सफलता पोर्टल एकीकरण, डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।