सिर्फ आंकड़ों से नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए योजनाओं का असर
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की समीक्षा केवल भौतिक और वित्तीय प्रगति के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाया जाए और पात्र लाभुकों को समय पर लाभ मिले।

मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि योजना पूरी होने के बाद राशि का भुगतान लंबित रहना उचित नहीं है। संबंधित विभाग ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और तकनीकी व प्रशासनिक अड़चनों को दूर करें।

कई केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) समेत कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से जुड़े विभागों ने अपनी योजनाओं की प्रगति पर प्रस्तुति दी। इस दौरान निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और स्वीकृत राशि का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधियों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश
समिति के गैर-सरकारी सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर पर योजनाओं के संचालन में आ रही परेशानियों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को उठाया। मंत्री ने इन सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अधिकारी क्षेत्र में जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
नई योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को भेजने की तैयारी
मंत्री ने विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए नई योजनाओं की स्वीकृति हासिल करने के उद्देश्य से ठोस कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा, देवघर विधायक सुरेश पासवान, धनबाद विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जमुआ विधायक मंजू कुमारी, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार सहित समिति के नामित सदस्य, सांसद प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


