आईटी मंत्रालय ने एआई प्रशिक्षण के लिए भरोसेमंद डेटा साझाकरण को डीईपीए हैंडबुक जारी की

भारत सरकार ने एआई प्रशिक्षण के लिए डीईपीए हैंडबुक जारी की है। इससे संस्थान अपने डेटा पर नियंत्रण बनाए रखते हुए सुरक्षित तरीके से एआई मॉडल विकसित करने में सहयोग कर सकेंगे।

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नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कृत्रिम मेधा (एआई) प्रशिक्षण के लिए ‘डेटा एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन आर्किटेक्चर’ (डीईपीए) पर एक हैंडबुक पेश की है। इस हैंडबुक के जरिये एक ऐसी तकनीकी-कानूनी रूपरेखा तैयार की गई है, जो संस्थानों को अपने डेटा पर नियंत्रण रखते हुए एआई प्रशिक्षण के लिए डेटा पर सहयोग करने की अनुमति देती है। आईटी सचिव एस कृष्णन ने बेंगलुरु में एक गोलमेज सम्मेलन में इस हैंडबुक को जारी किया, जिसे आईस्पर्ट फाउंडेशन के समर्थन से तैयार किया गया था।

बयान में कहा गया, ”यह रूपरेखा संविदात्मक अनुमतियों, नियंत्रित कंप्यूटिंग वातावरण और गोपनीयता वाले सुरक्षा उपायों का प्रावधान करती है। यह डेटा के स्रोत को भी शामिल करती है, जिससे पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान डेटा की उत्पत्ति, अनुमतियों और उपयोग का पता लगाया जा सकता है। इससे जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।” चूंकि एआई आर्थिक और सामाजिक विकास के केंद्र में है, इसलिए विविध, उच्च गुणवत्ता वाले डेटा तक पहुंच महत्वपूर्ण है। बयान में कहा गया कि गोपनीयता, बौद्धिक संपदा और संस्थागत नियंत्रण को लेकर चिंताएं अक्सर डेटा साझा करने को सीमित करती हैं, और डीईपीए प्रशिक्षण इन चुनौतियों का समाधान करता है।

कृष्णन ने कहा, ”भारत की एआई महत्वाकांक्षाओं को डेटा का जिम्मेदारीपूर्वक और सुरक्षित रूप से उपयोग करने की क्षमता के साथ जोड़ना चाहिए। मंत्रालय इस रूपरेखा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।” प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने बताया कि डीईपीए के तहत, मॉडल डेटा के पास जाता है न कि इसके विपरीत। उन्होंने कहा कि इससे बहुपक्षीय और सीमा पार सहयोग संभव होता है। उन्होंने डीईपीए को वैश्विक विज्ञान कूटनीति में भारत का योगदान बताया।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।