वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यातकों को ‘रिलीफ’ योजना का बेहतर लाभ पहुंचाने के लिए गठित की समिति

निर्यातकों को राहत देने वाली रिलीफ योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सरकार ने छह सदस्यीय समिति बनाई है। समिति धनराशि के उपयोग और अधिक निर्यातकों तक लाभ पहुंचाने के उपाय सुझाएगी।

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नई दिल्ली: वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यातकों के लिए शुरू की गई ‘रिलीफ’ योजना के तहत मंजूर धनराशि का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने और अधिक निर्यातकों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की है। सरकार ने 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत ‘रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन’(रिलीफ) योजना शुरू की है। इसका मकसद खाड़ी और पश्चिम एशिया के समुद्री व्यापार मार्गों में बाधाओं, माल ढुलाई की बढ़ती लागत तथा बीमा प्रीमियम में वृद्धि से निर्यातकों को राहत देना है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक व्यापारिक अधिसूचना में कहा कि रिलीफ योजना के तहत धनराशि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और अधिक निर्यातकों को इसका लाभ दिलाने के लिए एक समिति गठित की गई है। इस समिति में डीजीएफटी के तीन अधिकारी तथा वाणिज्य विभाग, वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) का एक-एक प्रतिनिधि शामिल है।अधिसूचना के अनुसार, समिति रिलीफ योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी। इसमें ईसीजीसी की ओर से निपटाए गए दावों और उपलब्ध शेष धनराशि की जानकारी भी शामिल होगी। इसके अलावा, समिति योजना का लाभ उठाने में आ रही बाधाओं और मंजूर धनराशि के इस्तेमाल की स्थिति की समीक्षा करेगी। वह धनराशि के बेहतर उपयोग और अधिक निर्यातकों तक योजना का लाभ पहुंचाने के उपाय भी सुझाएगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।