नीरज मुसाफिर

आज मैं सिक्किम का टूर पूरा करके सिलीगुड़ी आ गया। कल एक दिन के लिए दार्जीलिंग भी गया था। बाकी 10-12 दिन सिक्किम में रहा। नाथूला और नॉर्थ सिक्किम नहीं जा पाया।
कोई भी जगह वहां के भूगोल से नहीं, बल्कि वहां के लोगों से खूबसूरत बनती है। सिक्किम मेरे लिए खूबसूरत तभी हो गया था, जिस दिन मुझे पता चला था कि यह 1975 से पहले नेपाल और भूटान की तरह एक अलग देश हुआ करता था। और वहां की 97% जनता ने जनमत संग्रह से भारत में विलय की सहमति दी थी।
सिक्किम, लव यू रहेगा। मैं पहली बार सिक्किम आया था। और अब तो आता रहूंगा।
बस, मैंने यहां एक ही चीज को मिस किया। अपनी डिस्कवर को। वैसे मैंने कुछ दिनों के लिए गंगटोक से एक बुलेट किराये पर ले ली थी और साउथ व वेस्ट सिक्किम चला गया था। लेकिन फिर भी डिस्कवर को मिस किया। खासकर सिलीगुड़ी से गंगटोक, गंगटोक से दार्जीलिंग और दार्जीलिंग से सिलीगुड़ी जाने के लिए सिंडिकेट की गाड़ियों में ठूंसे जाते समय…
फोटो पेलिंग का है।जो फिलहाल सिक्किम में मेरी फेवरेट जगह बन गई है। बाद में कभी नॉर्थ सिक्किम जाऊंगा, तो क्या पता फेवरेट जगह चेंज हो जाए। लेकिन अभी के लिए पेलिंग ही फेवरेट है।
लेखक ट्रेवल ब्लॉगर हैं।



