कोलकाता : दक्षिण पूर्व रेलवे ने हावड़ा-कांटाबांजी और हावड़ा-जूनागढ़ रोड इस्पात एक्सप्रेस समेत चार जोड़ी ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर नॉन सुपरफास्ट श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया है। इस्पात एक्सप्रेस पिछले कई वर्षों से लगातार विलंब से चल रही है। जिसके चलते रेलवे को आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। नए साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी 2027 से इस्पात एक्सप्रेस समेत चार जोड़ी ट्रेनें नए नंबरों के साथ नॉन सुपरफास्ट श्रेणी में परिचालित की जाएगी। यानी नए साल में इन ट्रेनों की पहचान तो बदलेगी ही, साथ ही इनका सुपरफास्ट का दर्जा भी समाप्त हो जाएगा।

दक्षिण पूर्व रेलवे के उपमुख्य परिचालन प्रबंधक (यातायात) श्रीनिवास सामंत की ओर से इस संबंध में सभी संबंधित रेल मंडलों और अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। इसके तहत चक्रधरपुर रेल मंडल को भी नए ट्रेन नंबरों के अनुसार आवश्यक तकनीकी और परिचालन बदलाव करने के निर्देश मिल चुके हैं। इस्पात एक्सप्रेस एक समय तक ओड़िशा, झारखंड और बंगाल के स्टेशनों की प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण ट्रेन रही थी। इसे टाटानगर राउरकेला के बीच के यात्रियों के लिए लाइफलाइन तक कहा जाता था। लेकिन कोरोना संक्रमण काल के बाद ट्रेन की लगातार लेटलतीफी से इसकी गरिमा खत्म होती जा रही है। समय पर गंतव्य तक पहुंचने के दृष्टिकोण से भी ट्रेन अब भरोसेमंद नहीं रहीं।

रेलवे के इस नए आदेश के बाद प्रभावित होने वाली प्रमुख चार जोड़ी ट्रेनें और उनके नए नंबर इस प्रकार हैं :
1. हावड़ा-कांटाबांजी इस्पात एक्सप्रेस : अब तक
22861/22862 नंबर से चलने वाली यह ट्रेन 1 जनवरी 2027 से नए नंबर 18073/18074 के साथ चलाई जाएगी।
2. हावड़ा-जूनागढ़ रोड इस्पात एक्सप्रेस : इस ट्रेन का
मौजूदा नंबर 12871/12872 बदलकर अब 18071/18072 कर दिया जाएगा।
3. टाटानगर-कटिहार एक्सप्रेस : अब तक 28181/28182 नंबर से परिचालित होने वाली यह ट्रेन नए साल से 18633/18634 नंबर से चलेगी
4. मगध एक्सप्रेस (इस्लामपुर-नई दिल्ली) : इस ट्रेन का नंबर 20801/20802 से बदलकर 18187/18188 कर दिया गया है।


