रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने दिया जाएगा और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि चाहे किसी के पास कितनी भी ताकत और पैसा क्यों न हो, वह संविधान से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और केंद्र सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सीबीआई, ईडी, न्यायपालिका, नौकरशाही और पुलिस जैसी संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

वोट चोरी को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने कई राज्यों के चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित विभिन्न चुनावों में वोट चोरी हुई है। उन्होंने ईवीएम और मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि 2024 के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाए गए और इसे चुनावी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी बताया। राहुल गांधी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच मतों का अंतर करीब तीन प्रतिशत था। ऐसे में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार को लेकर क्या बोले राहुल गांधी?
अपने भाषण में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को CEC के पद से हटना होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। राहुल गांधी ने उनके खिलाफ जेल जाने तक की बात कही।
हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप और बयान हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया नियमों के तहत की जाती है और पात्र मतदाता अपना नाम दोबारा दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
रैली के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि देश की जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इस रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, वोट चोरी के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होता दिख रहा है।


