रांची: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में न्याय की गुहार लेकर पहुंची महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इस मामले में हेमंत सोरेन सरकार को घेरते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। झारखंड की पूर्व मंत्री और कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि झारखंड में महिलाएं अब न घर में सुरक्षित हैं और न ही पुलिस थाने में। जिस पुलिस विभाग पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी के एक कर्मी पर महिला से दुष्कर्म का आरोप लगना बेहद गंभीर मामला है।

नीरा यादव ने कहा कि इस घटना ने पुलिस व्यवस्था के साथ-साथ राज्य सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में तत्काल कार्रवाई करने और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही सवाल उठाया कि राज्य में कानून का डर दोबारा कैसे कायम होगा। उनके मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बिना कानून-व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।

595 भाजपा मंडलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन
गम्हरिया की घटना के विरोध में भाजपा ने राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। डॉ. नीरा यादव ने बताया कि रविवार शाम झारखंड के सभी 595 सांगठनिक मंडलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर महिलाओं में काफी आक्रोश है।
महिला आयोग की रिक्तता पर भी सरकार को घेरा
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री ने झारखंड राज्य महिला आयोग में लंबे समय से पद खाली रहने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिला आयोग का पद छह वर्षों से अधिक समय से रिक्त है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने के साथ जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
नीरा यादव ने राज्य में नशे के कारोबार, गोलीबारी और दूसरी आपराधिक घटनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासनकाल में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से शॉर्टकट अपनाने के बजाय मेहनत और सही रास्ते से अपना भविष्य बनाने की अपील की। इस प्रेस वार्ता में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद थीं।


