रायपुर: केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ा अवसर ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा, खनन और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने में है। उन्होंने कहा कि देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किए गए समाधानों से पूरी दुनिया को फायदा हो सकता है। रेड्डी ने यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार, आधुनिकीकरण और नए अवसर देखने को मिले हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल, जिसमें एक लाख करोड़ रुपये का ‘डीप टेक रिसर्च एंड डेवलपमेंट फंड’ शामिल है, का उद्देश्य युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों के नये विचारों और शोध कार्यों को समर्थन देना है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 के अनुसार, अब भारत के 52 संस्थान इस रैंकिंग में शामिल हैं। यह 271 प्रतिशत की वृद्धि है, जिससे भारत इस मामले में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला जी20 देश बन गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, बैटरी और रक्षा प्रौद्योगिकी में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक मांग का जिक्र करते हुए रेड्डी ने कहा कि खनन अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के तहत, भारत पूरी आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”हमें नयी तकनीकों की जरूरत है ताकि भू-राजनीतिक चुनौतियों का हमारे उत्पादन पर कोई असर न पड़े।’’ उन्होंने कहा, ”देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ‘नेट जीरो’ लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हमें खनन के कुशल तरीकों की जरूरत है।” ‘नेट जीरो’ से अभिप्राय वायुमंडल में छोड़ी जाने वाली ग्रीनहाउस गैसों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन आदि) की मात्रा और प्राकृतिक या कृत्रिम तरीकों से वायुमंडल से हटाई जाने वाली गैसों के बीच पूर्ण संतुलन स्थापित करना है।
रेड्डी ने स्नातक की उपाधि हासिल करने वाले छात्रों से आग्रह किया कि वे भारत में ही अनुसंधान, डिजाइन और नवाचार के क्षेत्र में काम कर ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित करें जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। दीक्षांत समारोह में 91 पीएचडी स्कॉलर्स सहित 1,300 से अधिक छात्रों को उनकी डिग्रियां दी गईं। इस समारोह में कुल 1,364 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव एन. कलाईसेल्वी, एनआईटी रायपुर के संचालन मंडल के अध्यक्ष सुरेश हवारे और संस्थान के निदेशक एन. वी. आर. राव मौजूद थे।


