अंडे और मछली में मिला ऐसा रंग, जो खाने के लिए नहीं है
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कुछ प्रतिष्ठानों में अंडे और मछली से बने खाद्य पदार्थों में अखाद्य रंगों का इस्तेमाल सामने आया।
अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया। साथ ही दुकानदारों और खाद्य विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी गई कि ग्राहकों को परोसे जाने वाले भोजन में प्रतिबंधित रंगों या मिलावटी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
नामकुम से आई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब ने की जांच
दरअसल, खाद्य पदार्थों में मिलावट और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विभाग विशेष अभियान चला रहा है।
इसी अभियान के तहत नामकुम से आई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जमशेदपुर के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
टीम ने दुकानों और खाद्य स्टॉलों पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ उनमें इस्तेमाल किए जा रहे रंगों की भी जांच की।
मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी नजर
जांच अभियान के दौरान शहर के होटलों के अलावा मिठाई दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को भी शामिल किया गया। अधिकारियों ने खाद्य विक्रेताओं को साफ-सफाई, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया।
टीम ने स्पष्ट किया कि खाने-पीने की चीजों में अखाद्य रंगों और मिलावटी सामग्री का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दुकानदारों को चेतावनी, आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।
फिलहाल जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर संबंधित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई है। विभाग की टीम ने खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है।


