बच्चों पर दुष्प्रभाव की आशंका के कारण दिलजीत के इंदौर के कार्यक्रम में चार गीतों पर रोक: अधिकारी

इंदौर में दिलजीत दोसांझ के 15 नवंबर के कॉन्सर्ट में बच्चों पर दुष्प्रभाव की आशंका के चलते चार गानों की प्रस्तुति पर रोक लगाने के निर्देश जारी हुए।

News Aroma
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इंदौर (मध्यप्रदेश): इंदौर के जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने गायक दिलजीत दोसांझ के शहर में 15 नवंबर को प्रस्तावित सजीव कार्यक्रम में उनके चार मशहूर गीतों की प्रस्तुति नहीं दिए जाने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारी का मानना है कि कथित तौर पर शराब और हिंसा को बढ़ावा देने वाले इन गीतों का छोटे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ निवासी डॉ. पंडितराव धारेनावर की शिकायत के बाद बाल संरक्षण अधिकारी ने आयोजन स्थल के प्रबंधक को पत्र लिखकर निर्देश दिए।
अधिकारी ने बताया कि पत्र में इंदौर के आगामी कार्यक्रम में दोसांझ के जिन गीतों की प्रस्तुति नहीं किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा ठेके’, ‘जेब विचो फीम’ और ‘जट्ट फायर करदा’ शामिल हैं।
पत्र में कहा गया,‘‘दोसांझ के शहर में 15 नवंबर को आयोजित ‘लाइव कंसर्ट’ में पांच वर्ष से बड़े बच्चों को प्रवेश की अनुमति दी गई है। उक्त गानों का छोटे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है।’’
पत्र में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के 22 जुलाई 2019 के एक आदेश का उल्लेख भी किया गया है। उच्च न्यायालय ने इसमें पंजाब और हरियाणा राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिया था कि शराब, मादक पदार्थों और हिंसा का महिमामंडन करने वाला कोई भी गाना किसी भी कार्यक्रम में, यहां तक कि ‘लाइव शो’ में भी नहीं बजाया जाए।
अदालत ने अपने आदेश में रेखांकित किया था कि ऐसे गानों का कम उम्र के बच्चों पर प्रभाव पड़ता है।
चंडीगढ़ निवासी धारेनावर ने इंदौर के जिला बाल संरक्षण अधिकारी को भेजी अपनी शिकायत में उच्च न्यायालय के इस आदेश का हवाला देते हुए कहा कि दोसांझ को संबंधित चारों गीत के बोल में बदलाव करके भी गाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने शिकायत में दोसांझ के कार्यक्रम में बच्चों को मंच पर बुलाए जाने और गायक द्वारा सीने पर नकली कारतूसों का बेल्ट पहनने पर भी रोक लगाए जाने की मांग की।

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