

Jamshedpur News: जमशेदपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अस्पताल में इलाज के दौरान 57 वर्षीय मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
दरअसल, पूरा मामला जमशेदपुर के तमोलिया स्थित ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल का है। मृतक की पहचान सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के बुरुहातु गांव निवासी वासुदेव साहू के रूप में हुई है।
परिजनों के मुताबिक, वासुदेव साहू को हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए तत्काल एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी कराने की सलाह दी।
मृतक के बेटे विकेश साहू का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज शुरू करने से पहले ढाई लाख रुपये जमा करने की मांग की थी। इसके बाद परिजनों ने दो किस्तों में दो लाख रुपये जमा कराए, जिसके बाद इलाज शुरू किया गया।
परिजनों का कहना है कि एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया पूरी होने के करीब आधे घंटे बाद ही डॉक्टरों ने वासुदेव साहू को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी खोगेन महतो, आकाश महतो और नवीन कुमार गुप्ता भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं, अस्पताल अधीक्षक डॉ. मुकेश कुमार ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मरीज की हालत बेहद गंभीर थी और इसकी जानकारी पहले ही परिजनों को दे दी गई थी।


