पारा शिक्षकों ने कहा- कब तक हम पीते रहें आश्वासन की घूंट ; तो यहां उग्र आंदोलन की रूप रेखा तैयार कर रांची कूच की हो रही तैयारी

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा रांची: पारा शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री बादल पत्रलेख से मुलाकात कर उनका ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया।
पारा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मो. शकील ने कहा कि आखिर कब तक झारखंड के पारा शिक्षक आश्वासन की घूंट पीते रहेंगे। सेवा नियमित करने को लेकर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
…लेकिन अब तक निष्कर्ष नहीं निकला
सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई थी, लेकिन अब तक निष्कर्ष नहीं निकला है। मंत्री ने कहा कि सरकार बनते ही कोरोना काल आ गया।
पारा शिक्षकों के हित में सरकार फैसला लेगी। प्रतिनिधिमंडल में मो. शकील, जिला सचिव जावेद रियाज, महामंत्री महावीर पहान, कोषाध्यक्ष राजन उरांव, हाजी मसूद आलम, अनिल कुमार, उमा शंकर दास आदि उपस्थित थे।
बैठक में 19 माह से बकाया मानदेय का भुगतान नहीं होने को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया गया
डीएलएड प्रशिक्षित व अप्रशिक्षित शिक्षकों की हुई बैठक
इधर एनसी डीएलएड प्रशिक्षित व अप्रशिक्षित शिक्षकों की बैठक शनिवार को झंडा मैदान में संपन्न हुई। बैठक में 19 माह से बकाया मानदेय का भुगतान नहीं होने को लेकर सरकार के खिलाफ रोष जताया गया।
20 तन नही मिला मानदेय तो होगा उग्र आंदोलन
बैठक की अध्यक्षता कर रहे खिरोधर महतो ने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार और बंगाल में प्रशिक्षित और अप्रशिक्षितों को बराबर मानदेय भुगतान किया जा रहा है।
वहीं झारखंड में 19 माह से मानदेय का भुगतान तक नहीं हुआ है।
कहा कि अगर 20 दिसंबर तक मानदेय भुगतान नहीं हुआ, तो वे लोग उग्र आंदोलन की रूप रेखा तैयार करेंगे और रांची कूच करने को मजबूर होंगे।
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