रांची: जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत जारी संशोधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

बैठक में ‘नो मैपिंग’ और ‘एनामलीज’ के कारण नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं की सुविधा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन नागरिकों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें किसी भी प्रक्रिया के लिए ERO या AERO कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय, संबंधित बीएलओ खुद मतदाताओं के घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ECINet या BLO ऐप पर अपलोड करेंगे, ताकि अधिकारी समय पर फैसला ले सकें।
इसके अतिरिक्त असाधारण परिस्थितियों में यदि किसी मामले की सुनवाई आवश्यक होती है, तो वह केवल ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। यदि कोई मतदाता खुद उपस्थित होने में असमर्थ है तो वह अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को सुनवाई में शामिल होने के लिए प्राधिकृत कर सकता है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दस्तावेजों को जमा करने के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल (www.voters.eci.gov.in) का अधिक से अधिक उपयोग करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को अनुशासनहीन बीएलओ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी बीएलओ को राजनीतिक दलों के बीएलए-2 (BLA-2) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने को कहा। इस बैठक में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी बिवेक कुमार सुमन, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


