Bribery Case : कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार अब्दुल हाफिज ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए जमानत की मांग की है। उनकी ओर से दायर जमानत याचिका पर 22 जून को विशेष विजिलेंस कोर्ट में सुनवाई निर्धारित की गई है। मामले को लेकर कानूनी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने हाल ही में अब्दुल हाफिज को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। गिरफ्तारी से पहले एसीबी ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया।
मामले के अनुसार, परिवादी अशवन तिर्की का ट्रैक्टर जिला खनन विभाग द्वारा जब्त कर लिया गया था। आरोप है कि ट्रैक्टर को छुड़वाने की प्रक्रिया में सहायता करने के नाम पर अब्दुल हाफिज ने 42 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस मांग को लेकर एसीबी से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के क्रम में आरोपी को नोटिस जारी कर कार्यालय बुलाया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अब आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका पर विशेष विजिलेंस अदालत में सुनवाई होगी। अदालत अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद इस पर निर्णय लेगी कि आरोपी को जमानत दी जाए या नहीं।
इस मामले ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर बहस छेड़ दी है। एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल सभी की नजर 22 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत आरोपी की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी। वहीं एसीबी मामले की जांच को आगे बढ़ाने में जुटी हुई है।


