AISA Protest Ranchi: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शुक्रवार को राजधानी रांची के प्रमुख अल्बर्ट एक्का चौक पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आइसा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर एक प्रतिवाद सभा का आयोजन किया।
जंतर-मंतर पर गिरफ्तारी के विरोध में नारे
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा, महासचिव प्रसेनजीत, योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने सभी गिरफ्तार लोगों की तत्काल रिहाई की पुरजोर मांग की।
आइसा नेताओं के तीखे हमले और आरोप
लोकतंत्र पर सवाल: आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर ही जब लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है, तो देश के चुनावों की निष्पक्षता की क्या गारंटी बची है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तीन में से दो चुनाव आयुक्तों की सहमति नहीं थी, तब असंवैधानिक तरीके से फैसले क्यों लिए गए।
मतदाताओं के नाम काटे जाने का विरोध: रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं। उन्होंने गोवा की घटना का हवाला देते हुए कहा कि जांच में योग्य पाए जाने के बाद भी लोगों के नाम नहीं जोड़े गए, जो पूरी तरह लोकतंत्र विरोधी है।
इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग: पूर्व झारखंड राज्य अध्यक्ष सुहानी मेहता ने कहा कि हजारों शहादतों के बाद नागरिकों को मतदान का संवैधानिक अधिकार मिला है, जिस पर आज हमला हो रहा है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग के साथ-साथ SIR प्रक्रिया और उसके बाद हुए चुनावों को रद्द करने की मांग की।
इस प्रदर्शन में सुफियान, सोनाली केवट, नौरीन अख्तर, कबीर, प्रतिभा चौधरी, निखिल राज, सुदामा खलखो, भीम साहू, आकाश रंजन, श्वेत कमल, शाहिद, राकेश बड़ाइक, सृष्टि और आशीष प्रजापति सहित दर्जनों आइसा-भाकपा माले कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


