असम बाढ़ से दुखी हूं, मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग करें: अनुपम खेर

अभिनेता अनुपम खेर ने असम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लोगों से मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देने की अपील की। राज्य में लाखों लोग अब भी प्रभावित हैं।

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नई दिल्ली: अभिनेता अनुपम खेर ने असम में आई भीषण बाढ़ पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए लोगों से मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहयोग करने की अपील की है। खेर ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम खाते पर एक वीडियो साझा किया और कहा कि असम की मौजूदा स्थिति से वह ‘‘बहुत दुखी’’ हैं। उन्होंने लिखा, ‘‘असम में आई बाढ़ की दिल दहला देने वाली तस्वीरों से मुझे गहरा दुख हुआ है। हजारों परिवार अपने घर, आजीविका और अपने प्रियजनों तक को खो चुके हैं। इस त्रासदी से मासूम जानवर भी नहीं बच सके।’’ अभिनेता ने अपनी पोस्ट में असम मुख्यमंत्री राहत कोष के बैंक खाते का विवरण भी साझा किया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, ‘‘यदि संभव हो तो असम मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दें। आपका छोटा या बड़ा हर सहयोग उन लोगों के जीवन में उम्मीद जगा सकता है, जो फिर से अपना जीवन बसाने की कोशिश कर रहे हैं। आप चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भी योगदान दे सकते हैं। मेरी संवेदनाएं असम के लोगों के साथ हैं।’’

बताते चलें कि असम में 19 जुलाई से बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 14,230.15 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी जलमग्न है। बाढ़ के कारण लगभग 55,000 पशु बह गए, जबकि 35,000 अन्य पशु प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से तटबंधों, मकानों, सड़कों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। राज्य के छह जिलों में कुल 1.28 लाख लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें शिवसागर जिले में सबसे अधिक करीब 55,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद चराइदेव में लगभग 35,000 और जोरहाट में 20,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।