ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर भारत रत्न सर एम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि दी और राज्य के विकास में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। विश्वेश्वरैया की ‘‘असाधारण विरासत’’ को याद करते हुए खांडू ने कहा कि महान अभियंता दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिनकी जल प्रबंधन, बांधों के डिजाइन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रतिभा ने आधुनिक भारत की नींव रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वेश्वरैया का देश के प्रति योगदान इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचे से कहीं आगे था। उन्होंने सटीकता और अनुशासित कार्य के प्रति विश्वेश्वरैया के समर्पण को इंजीनियर समुदाय के लिए स्थायी प्रेरणा बताया।
खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘1955 में भारत रत्न से सम्मानित किए गए विश्वेश्वरैया का सटीकता और अनुशासित कार्य के प्रति समर्पण आज भी दुनियाभर के अभियंतओं के लिए मार्गदर्शक है।’’ उन्होंने कहा कि अभियंताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विचारों को ऐसी परियोजनाओं में बदलना है, जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाएं और आर्थिक वृद्धि एवं विकास में योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नवाचार और समस्याओं के समाधान के जरिए भविष्य को आकार देने वाले सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की बधाई।’’ उपमुख्यमंत्री चाउना मीन ने भी अभियंताओं को बधाई दीं और भारत में तेजी से हो रहे बदलाव में उनके योगदान को रेखांकित किया। मीन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इंजीनियरिंग के जरिए भारत की अगली बड़ी छलांग।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुलों और तेज गति वाले गलियारों से लेकर विश्वस्तरीय मेट्रो, बंदरगाह, हवाई अड्डे, सेमीकंडक्टर संयंत्र और अगली पीढ़ी की संपर्क व्यवस्था तक, भारत के अभियंता महत्वाकांक्षी विचारों को प्रगति के प्रतीकों में बदल रहे हैं।’’

