निशियो (जापान) : भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार को यहां एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में अपने-अपने भार वर्ग में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक के मुकाबलों में प्रवेश किया लेकिन नरेंद्र बेरवाल (90 किग्रा से अधिक) को अंतिम चार में हार के साथ ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। परवीन ने 65 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन के ली शू को 5-0 से हराया। इसके बाद अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के फजलुद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराया। एरकिनबोएव 75 किलोग्राम भार वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं।

अनुभवी मुक्केबाज बेरवाल को हालांकि सेमीफाइनल में कजाखस्तान के मौजूदा सुपर हैवीवेट विश्व चैंपियन आइबेक ओरलबाय के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। बेरवाल ने इसके साथ ही एशियाई खेलों में एक और कांस्य पदक अपने नाम किया। वह 2023 में चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में भी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गए थे। परवीन का पिछले एशियाई खेलों में जीता गया कांस्य पदक अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) द्वारा 22 महीने के निलंबन के बाद छीन लिया गया था। परवीन पर यह कार्रवाई अपने ठिकाने की जानकारी (व्हेयरअबाउट्स) से जुड़ी विफलता के कारण हुई थी। अब उन्होंने हांगझोउ में अपने प्रदर्शन से आगे निकलते हुए एशियाई खेलों में कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।
वह दिग्गज एमसी मैरी कॉम (जिन्होंने 2014 में खिताब जीता था) और लवलीना बोरगोहेन (जिन्होंने पिछले खेलों में रजत पदक जीता था) के बाद एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज भी बन गई हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों की तुलना में अपना बेहतर प्रदर्शन कर लिया है। पिछली बार उसने चार पदक जीते थे लेकिन यहां छह मुक्केबाजों ने पदक राउंड में प्रवेश किया है।


