नकली नोट मामले में राजेश भुइयां को 7 साल की सजा, ATS कोर्ट ने लगाया ₹10,500 का जुर्माना

रांची की एटीएस विशेष अदालत ने नकली नोट मामले में राजेश भुइयां को सात साल के सश्रम कारावास और 10,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि रवि प्रजापति बरी हुए।

Razi Ahmad
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Fake Currency Case : नकली भारतीय मुद्रा से जुड़े बहुचर्चित मामले में एटीएस की विशेष अदालत ने आरोपी राजेश भुइयां को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 10,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह मामला एटीएस थाना कांड संख्या 02/2018 से जुड़ा है। वहीं, इस मामले में ट्रायल का सामना कर रहे दूसरे आरोपी रवि प्रजापति को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया।

अभियोजन के अनुसार, 30 नवंबर 2018 को रांची रेलवे स्टेशन के पास एक आरोपी के पास से दो हजार रुपये के 204 संदिग्ध नोट बरामद किए गए थे। बरामद नकली नोटों की कुल कीमत 4.08 लाख रुपये थी।

जांच के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड की रिपोर्ट में बरामद नोटों में से 104 नोट नकली पाए गए। पूछताछ के दौरान सह-आरोपी ने रवि प्रजापति का भी नाम लिया था, लेकिन अदालत में उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके।

सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार करने के बाद एटीएस की विशेष अदालत ने राजेश भुइयां को दोषी करार देते हुए 7 साल की सजा और 10,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्य के अभाव में रवि प्रजापति को आरोपों से मुक्त कर दिया गया।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।