रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचकर जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा धांधली की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनशन पर बैठे छात्र नेता राहुल क्रांति और कोडरमा के ब्रजकिशोर से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से छात्रों के स्वास्थ्य का हाल लिया और युवाओं के संघर्ष व संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि इस हठधर्मी सरकार के कारण किसी को जान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि युवाओं को अभी अपने हक के लिए लंबी लड़ाई लड़नी है।

बाबूलाल मरांडी ने सरकार और जेएसएससी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां किश्तों में परीक्षाओं के परिणाम जारी किए जाते हैं। राहुल क्रांति का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अधिक अंक पाने और हाईकोर्ट से पक्ष में फैसला आने के बावजूद जेएसएससी ने उन्हें नौकरी नहीं दी, बल्कि सरकार और आयोग फैसले के खिलाफ डबल बेंच में चले गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर डबल बेंच से भी फैसला छात्र के हक में आता है, तो सरकार सुप्रीम कोर्ट चली जाएगी। गरीब छात्र पढ़ाई करेंगे या इस तरह अदालती चक्कर लगाएंगे?
उन्होंने राज्य सरकार पर पूरी तरह असंवेदनशील होने और 2019 के बाद से जेपीएससी व जेएसएससी के माध्यम से बड़े पैमाने पर नौकरियों की बिक्री व धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त कर उन पर प्राथमिकी दर्ज की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई। इस मौके पर उनके साथ भाजपा प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी राहुल अवस्थी और रजनीश पांडेय भी मौजूद थे।


